महिलाओं में पीरियड्स आना एक नेचुरल प्रोसेस है. कुछ रिपोर्ट्स की मानें तो महिलाओं को उनके पूरे जीवनकाल के दौरान लगभग 450 बार पीरियड्स आते हैं. लेकिन सवाल ये भी उठता है कि क्या महिलाओं की तरह ही जानवरों में भी पीरियड्स आते हैं? आइए आगे इसी सवाल का जवाब जानते हैं...
पीरियड्स यानी कि मासिक धर्म मानव प्रजनन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि इंसानों की तरह ही कुछ जानवरों में भी मासिक धर्म होता है. यूनाइटेड स्टेट्स में स्थित बक इंस्टीट्यूट फॉर रिसर्च ऑन एजिंग की विकासात्मक जीवविज्ञानी (इवोल्यूशनरी बायोलॉजिस्ट) दीना एमेरे ने लाइव साइंस को बताया कि वैज्ञानिक लगभग ऐसी 85 स्तनधारी प्रजातियों के बारे में जानते हैं, जिनमें मासिक धर्म होता है. इनमें ज्यादातर मनुष्यों से मिलते-जुलते चिंपांजी और बोनोबो जैसे प्राइमेट्स शामिल होते हैं. इनके अलावा, एलीफैंट श्रू, चमगादड़ और स्पाइनी माइस में भी मासिक धर्म की प्रक्रिया के बारे में पता लगाया गया है.
मासिक धर्म में क्या होता है?
महिलाओं में माहवारी (पीरियड्स) तब होती है जब दो मुख्य हार्मोन- एस्ट्रोजेन और प्रोजेस्टेरोन काम करते हैं. पीरियड्स से पहले, एस्ट्रोजेन हार्मोन की मात्रा बढ़ने से गर्भाशय की परत मोटी होती है और नए रक्त वाहिकाओं का निर्माण होता है. इसके बाद, जब अंडाणु रिलीज़ होता है, तो प्रोजेस्टेरोन का स्तर बढ़ता है और एस्ट्रोजेन कम होने लगता है. अगर गर्भधारण नहीं होता है, तो प्रोजेस्टेरोन का स्तर घटता है, और गर्भाशय की परत और नई रक्त वाहिकाएं पीरियड्स के रूप में बाहर निकल जाती हैं. वैज्ञानिकों के अनुसार, कुछ जानवरों में, पीरियड्स नहीं होते क्योंकि उनके गर्भाशय में प्रोजेस्टेरोन का प्रभाव सिर्फ तब होता है जब वह गर्भवती होती हैं.
वैज्ञानिकों ने रिसर्च के दौरान ये भी पाया है कि मासिक धर्म करने वाले जानवरों की गर्भावस्था (gestation period) गैर-मासिक धर्म करने वाले जानवरों से लंबी होती है. उदाहरण के लिए, स्पाइनी माइस की गर्भावस्था अन्य चूहों के मुकाबले लगभग दोगुनी होती है. रिर्सच के दौरान ये भी पाया गया है कि जब गर्भाशय गर्भावस्था के लिए तैयार होता है, तो यह भ्रूण द्वारा छोड़े गए रासायनिक संकेतों का पता लगाकर गर्भस्थापन के सफल होने की संभावना को बढ़ा या घटा सकता है.
किन जानवरों को मासिक धर्म होता है?
रिसर्चर्स के अनुसार, प्राइमेट्स यानी कि नरवानर गण में ज्यादातर मासिक धर्म होता है. इनमें ऑरंगुटांस, चिम्पांजी और गोरिल्ला जैसे जानवर शामिल होते हैं. ऑरंगुटांस का मासिक धर्म चक्र 29 से 32 दिन के बीच होता है, जिसमें 3 से 4 दिन का मासिक धर्म होता है. वहीं, अलग-अलग चिम्पांजी में मासिक धर्म चक्र 28 से 45 दिन के बीच बदलता रहता है. जबकि गोरिल्ला का मासिक धर्म चक्र लगभग 30 दिन होता है. इसके अलावा रेहस मकाक और बाबून जैसी बंदर की प्रजातियां को भी पीरिएड्स आते हैं. साल 2008 में की गई एक रिसर्च में ये पाया गया है कि
मादा बाबून तब जल्दी मासिक धर्म शुरू करती हैं, जब उनके पिता उनके पास अधिक समय बिताते हैं. जब पिता का साथ होता है, तो यह उनका पोषण बेहतर बनाता है और समूह के तनाव को कम करता है.
चमगादड़ और रोडेन्टस
रिपोर्ट्स के अनुसार चमगादड़ और चूहे की एक प्रजाति रोडेन्टस में भी मासिक धर्म होता है. साल 2020 में की गई एक रिसर्च में पाया गया कि चमगादड़ की कम से कम तीन ऐसी प्रजातियां हैं, जिनमें मासिक धर्म होता है. इनमें से ब्लैक मस्तिफ बैट और वाइल्ड फुलवियस फ्रूट बैट में इंसानों के जैसे मासिक धर्म के लक्षण मिलते हैं. इनके अलावा एलीफैंट श्रू और काहिरो स्पाइनी माउस में मासिक धर्म के मामले देखे गए हैं.
1985 में केन्या के अंबोसेली नेशनल पार्क में किए गए अध्ययन में पाया गया कि बंदरों की कुछ प्रजातियों में पीरियड्स के पहले कुछ बदलाव होते हैं. मादा बंदर ज्यादा समय पेड़ों पर बिताती हैं जहां उन्हें शांति मिलती है. वहीं, पुरुष बंदर उनके प्रति ज्यादा ध्यान नहीं देते हैं.
स्पाइनी माउस में भी पीरियड्स के दौरान बदलाव देखा गया है. जब वे पीरियड्स में होते हैं, तो वे उदास रहते हैं, कम हरकत करते हैं और ज्यादा चिल्लाते हैं.
क्या कुत्तों में भी होता है मासिक धर्म?
इसका जवाब है नहीं. हालांकि, फीमेल डॉग्स में गर्भधारण की संभावना होने पर रक्तस्राव हो सकता है, लेकिन यह मासिक धर्म नहीं होता है. यह रक्तस्राव योनि से होता है, जो मासिक धर्म से अलग होता है. इसके अलावा बिल्लियों में भी माहवारी नहीं, बल्कि एस्ट्रस चक्र होते हैं.
